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हौसेनें केला पति, त्याला भरली रगतपिती

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हौसेनें केला पति, त्याला भरली रगतपिती  |  Marathi |  मराठी वाक्संप्रदाय - वाक्यप्रचार एखादी गोष्ट मोठया हौसेनें करावयास जावे तो त्यांत निराशा पदरीं यावी. elated Words SUGGEST A NEW WORD! हौसेनें केला पति, त्याला भरली रगतपिती     खाजवील त्‍याला खरूज, भोगील त्‍याला संपदा     पतिव्रत धर्म जिचा, पति ठेवी मान तिचा     आईने ओटी भरली, पोर सासरी निघाली     जो भ्रमण करतो, त्‍याला संसार नसतो     ज्‍यानें केसकरणी गिळल्‍या त्‍याला बोडकीचा काय पाड     ज्‍याची त्‍याला आवडली, आणावयास गेला तो म्‍हणे काळी     ज्‍याला नाहीं काज, त्‍याला पृथ्‍वीचें राज     आधीं पानगा केला, मग रोडगा केला     आधीं होता मठ, त्याला घातला तट     भरली पत्रावळ ओढणें-हिसकणें     अति ऊ त्याला खाज नाहीं आणि अति ऋण (देणें) त्याला लाज नाहीं     मशिदींतील दिवा, उभा केला दावा     लागली लहर, केला कहर     समर्थ-समर्था घरचें श्र्वान, त्याला सर्व देती मान     हंसे मुक्ता नेली, ...
शिशुपाल शिशुपाल  हा  महाभारतकालीन   चेदी  राज्याचा राजा होता. हा  दमघोष  राजाचा मुलगा असून  कृष्णाचा  आतेभाऊ होता.

Shishupala

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Shishupala Shishupala  ( Sanskrit :  शिशुपाल , lit.  protector of child ,  IAST :  Śiśupāla ; sometimes spelt  Sisupala ) was the son of Damaghosha after whom descendants to Chedi Kings were named as  ghosis  a tribe of  Yadavas  in  Chedi , by Srutashrava, sister of  Vasudeva ,  Kunti  & cousin of Baba  Nanda . He was slain by  Krishna , his cousin and an avatar of  Vishnu , at the great coronation ceremony of  Yudhishthira  in punishment for the opprobrious abuse made against his august personage. He was also called Chaidya, being a member of Chedi kingdom. [1] शिशुपाला) दमाघोशाचा मुलगा होता, ज्याच्या नंतर चेदी राजांच्या वंशजांना बाबू नंदाची कुंती आणि चुलत भाऊ, वासुदेवाची बहीण, श्रीकृष्णाव यांनी, चेदी येथील यादव वंशातील घोसी म्हणून ओळखले. कृष्ण, त्याचा चुलतभाऊ आणि विष्णूचा अवतार असलेल्या युधिष्ठिरच्या महान राज्याभिषेक सोहळ्यात त्याच्या अग्रेषित व्यक्तीविरूद्ध केलेल्या अत्याचारी अत्याचारा...

How many times did Lord Krishna use Sudarshana Chakra, and why?

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How many times did Lord Krishna use Sudarshana Chakra, and why? Sharad Mahale ,  former Retired in 2001 March at State Bank of India (1978-2001) Answered September 11, 2019 Krishna uses Sudarshan chakra many times but a few incidences I am giving now. There may be more incidences than discussed below which depend upon Mahabharata rewritten by different sages or authors who might have gone deeply in the subject. कृष्ण सुदर्शन चक्र अनेक वेळा वापरतात पण आता मी देत ​​असलेल्या काही घटना. खाली चर्चा करण्यासारख्या आणखी काही घटना असू शकतात ज्या महाभारतावर वेगवेगळ्या agesषी किंवा लेखकांनी लिहिलेल्या यावर अवलंबून असतात जे या विषयात खोलवर गेले असतील. During abducting Rukmini he wants to use on Shishupala but Rukmini stops him. At the time of Rajsuya yajna of Yudhistira, he uses it and kills Shishupala after pardoning him of 100 insults. He uses Sudarshan chakra to kill counter Sudarshan chakra of Vasudev Poundrak. He uses it to remove Hanuman's proudness. During Gitopadesha to Arjuna, he...

क्या राधा की वजह से कृष्ण ने छोड़ दिया था बांसुरी बजाना? जानिए राधा कृष्ण के जीवन का गहरा रहस्य

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क्या राधा की वजह से कृष्ण ने छोड़ दिया था बांसुरी बजाना? जानिए राधा कृष्ण के जीवन का गहरा रहस्य फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 18 Aug 2020 06:03 PM IST 1  of 8 भगवान श्रीकृष्ण (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया विज्ञापन मुक्त विशिष्ट अनुभव के लिए अमर उजाला प्लस के सदस्य बनें Subscribe Now ये बात तो आपको जरूर पता होगा कि भगवान श्रीकृष्ण को बांसुरी बजाना कितना पसंद था। कहा जाता है कि श्रीकृष्ण को जितना प्यार राधा से था, ठीक उतना ही प्यार उन्हें अपनी बांसुरी से था। ये दोनों चीजें आपस में एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी हुई थी। लेकिन एक समय ऐसा भी आया जब श्रीकृष्ण ने अपनी बांसुरी को तोड़ दी। आज हम आपको भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े गहरे रहस्य के बारे में बताने जा रहे हैं। विज्ञापन 2  of 8 भगवान श्रीकृष्ण (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया मान्यताओं के अनुसार, द्वापर युग में जब भगवान श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लिया तब देवी-देवता वेश बदलकर समय-समय पर उनसे मिलने धरती पर आने लगे। तभी भगवान शिवजी भी अपने प्रिय भगवान से मिलने के लिए आए...

दुनिया की वो 5 सबसे भयावह पेंटिंग्स, जिन्हें अज्ञात जगहों पर छिपाना पड़ा

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दुनिया की वो 5 सबसे भयावह पेंटिंग्स, जिन्हें अज्ञात जगहों पर छिपाना पड़ा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 19 Aug 2020 01:03 PM  1  of 6 Saturn devouring his son - फोटो : सोशल मीडिया विज्ञापन मुक्त विशिष्ट अनुभव के लिए अमर उजाला प्लस के सदस्य बनें Subscribe Now सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद एक चीज सबसे ज्यादा चर्चा में रही है, वो है उनकी यूरोप यात्रा। रिया चक्रवर्ती का कहना है कि इस ट्रिप के दौरान सुशांत ने एक पेंटिंग देखी। उस पेंटिंग को देखने के बाद से ही सुशांत बदल गए थे और असामान्य व्यवहार करने लगे। दरअसल, इस पेंटिंग में सैटर्न अपने ही बच्चे को खा रहा था। वास्तव में यह कलाकृति काफी डिस्टर्ब करने वाली है। लेकिन ऐसी कई सारी पेंटिंग्स हैं, जिनके बारे में कहा जाता है कि उन्हें दखकर कोई भी परेशान हो सकता है। आज हम आपको दुनियाभर के भयावह पेंटिंग्स के बारे में बताएंगे। विज्ञापन 2  of 6 Love Letters Replica - फोटो : सोशल मीडिया Love Letters Replica Love Letters Replica नाम की इस पेंटिंग में एक प्यारी सी बच्ची अपने एक हाथ में गुलाब और एक हाथ में लि...

दुनिया का सबसे बड़ा रहस्य, अचानक नाचने लगीं 400 महिलाएं और फिर होने लगी मौत

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दुनिया का सबसे बड़ा रहस्य, अचानक नाचने लगीं 400 महिलाएं और फिर होने लगी मौत फीचर डेस्क, अमर उजाला Updated Fri, 06 Sep 2019 12:31 PM IST 1  of 5 रहस्यमयी कब्र - फोटो : Karaganda regional government विज्ञापन मुक्त विशिष्ट अनुभव के लिए अमर उजाला प्लस के सदस्य बनें Subscribe Now दुनिया में कई सारे रहस्य आज भी अनसुलझे हैं, जिसे आजतक कोई भी सुलझा नहीं पाया। वैज्ञानिकों ने कुछ रहस्यों से परदा हटा तो लिया। लेकिन दुनिया की कुछ रहस्यजनक चीजों से अभी तक कोई भी परदा नहीं हटा पाया है। इसलिए हम आपको बताने जा रहे हैं उन रहस्यों के बारे में जो अभी तक लोगों के लिए एक अबूझ पहेली बनी हुई है।  2  of 5 - फोटो : social media द डांसिंग प्लेग ऑफ 1518 साल 1518 में गर्मी के दिनों में शहर स्ट्रासबर्ग में एक महिला ने सड़क पर नाचना शुरू कर दिया। पूरा दिन और पूरी रात वह नाचती रहती थी। इसी बीच एक हफ्ते के भीतर ही 34 दूसरी महिलाओं ने भी उस महिला के साथ नाचना शुरू कर दिया। उनको नाचते हुए देखकर ऐसा लगता है कि उनके अंदर किसी बुरी आत्मा का वास हो गया है। नाचने का न तो कोई बड़ी वजह थी और न ही कोई ऐ...